चाहे भीम और जरासंध की किम्वदंतियां हो या बुद्ध, महावीर, बिंबसार और अजातशत्रु की कथाएं, राजगीर या राजगृह (राजाओं की नगरी) वो कड़ी है जो उन्हें एक सूत्र में बांधती है। बचपन में कई बार वहां गया था, और जब इस बार फिर से गए तो लिखने का मौका मिला।